भ्रूण हत्या वेद विरुद्ध

प्रश्न-आजकल प्रतिदिन गर्भ में ही हजारो की संख्या में उतपन्न होने वाले शिशुओं को मारा जा रहा है तो क्या यह गर्भ में आने वाले शिशु का कर्म फल है या माता पिता का ?

उतर- गर्भ का धारण माता पिता की इच्छा से होता हैं और गर्भपात भी उन्ही की स्वतन्त्र इच्छा से हुआ ।अतः गर्भपात से होने वाले भयंकर पाप का अपराधी भी गर्भपात कराने वाले, करने वाले, और सहमति देने वाले होंगे।गर्भधारण करने वाले शिशु का इसमे कोई दोष नही या कोई भी कर्मफल नही है।
और न ही ईश्वर की तरफ से कोई प्रेरणा या विधान है गर्भपात करवाने का।
बल्कि ईस्वर का निषेध है
प्रमाण,- मा नो वधिरिंद्र ... माण्डा मा नो मघवंचक्र,...।। (ऋग्वेद१/७/१६/८)
गर्भो का विनाश न करे बल्कि उनका अछि प्रकार से रक्षा करे।

आर्यवीर "राणा"

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